Mata Madwarani Mandir Korba Chhattisgarh is the Center of Faith. Here people come from far and wide to ask for their vows. Jai Mata Di…
Maa Madwarani Mandir Korba Chhattisgarh | मड़वारानी माता मंदिर कोरबा
दोस्तों हसदेव नदी के किनारे पहाड़ में विराजित मड़वारानी माता छत्तीसगढ़ के निवासियों एवं सभी श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र हैं। कहा जाता हैं यहाँ आने वाली माताओ के सुनी गोद को माता हमेशा भर देती हैं। Maa Madwarani Mandir पहाड़ के अंतिम हिस्सा में कलमी नामक पेड़ में विराजित हैं। जिसके कई किस्से वर्तमान में प्रचलित हैं। जो मन को लुभावने वाले हैं। शांति प्रदान करने वाले हैं।
प्राकृतिक नजारों से देखे तो यहां के नजारें प्रकृति प्रेमी को अकस्मात ही अपनी ओर खींच लेता हैं। पहाड़ों के ऊपर से होकर अपनी वाहन को ले जाना, आसपास के पर्वतों में अपनी नजर दौड़ना, हसदेव नदी की कल-कल व खूबसूरत नजारे, पर्यटकों को जाने-अनजाने में अपनी ओर आकर्षित करती हैं।
मान्यता/किवदंती | Story of Maa Madwarani temple
#01 – माता मड़वारानी की कल्पवृक्ष मे नवरात्रि के समय जवा अपने आप उगने लग जाता हैं, तथा माँ को विभिन्न रुप मे मडवारानी पहाड़ के नीचे स्थित ग्राम बरपाली, सरगबंधिया के ग्वालों और किसानों को माता जी के दर्शन मिलने तथा माता द्वारा सुन्दर कन्या, बुजुर्ग महिला इत्यादि रुप धारण करके विचरण करने की जानकारी मिलती रहती हैं।
#02 – ऐसा कहा जाता हैं Mata Madwarani Mandir में माता अपने भक्तो का किसी ना किसी रूप में आकर मदद करती रहती हैं। भूले-भटके व्यक्तिओं को वह मनुष्य रूप में आकर रास्ता बताती हैं। प्यासे को पानी, व भूखे को भोजन प्रदान करती हैं।
#03 – ऐसा माना जाता हैं एक कलमी वृक्ष के कट जाने के बाद माँ मड़वारानी अपनी चारों बहनों के साथ वहां आई और अपनी शक्ति को वहां रखे, पांच पत्थरों में समाहित कर दिया, जिन्हे आज भी पिंडी रूप में पूजन किया जाता हैं।
#04 – एक प्रचलित मान्यता यह भी हैं की माँ मड़वारानी गोड़वाना साम्राज्य के राजा बलिराज की पुत्री राजकुमारी हैं। उम्र होने के साथ ही राजा ने राजकुमारी की शादी करने का प्रस्ताव रखा। माता शादी के लिए मान भी गए किन्तु उन्होंने अपना एक प्रस्ताव देते हुए अपनी शादी की पूरी रस्म को एक ही रात में करने को कहा। इसे राजा ने हर्ष पूर्वक स्वीकार किया। भगवान् विश्वकर्मा ने मंडप का निर्माण किया। किन्तु बारात नहीं आ पाने की वजह से शादी नहीं हो पाई। माता की हल्दी आज भी उस पत्थर देखा जा सकता हैं जिसमे माता के शरीर से होकर छिड़का था। मंडप को बीच में ही छोड़ने के कारण ही माता का नाम Madwarani पड़ा। (मंडप को छत्तीसगढ़ी में मड़वा करते हैं)
नवरात्रि एवं ज्योति कलश पंजीकरण मड़वारानी माता
पहाड़ा वाली माता मड़वारानी में कुँवार नवरात्रि पंचमी से तेरस के बीच में होता हैं। तथा चैत्र नवरात्रि अन्य सभी नवरात्रि की तरह एकम से नवमी तक चलती हैं।
माता जी के मंदिर में ज्योति कलश Online प्रज्वलित करने के लिए इस लिंक को Click करे – www.madwaranimandir.com
How to Reach Madwarani Temple | मड़वारानी माता मंदिर कैसे पहुंचे
Many option to reached madwarani temple-
- By Air – Nearby Airpport Swami Vivekanand Airport Mana Raipur
- By Train – Nearest train Korba – 30Km. & Champa – 35 Km.
- By Road – Nearest Bus Stand Korba – 30 Km Madwarani Temple and Champa Bus Stand – 35 Km.
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Madwarani Mandir Korba Pin Code?
495674
Maa Madwarani Korba Arti Time?
07:00 Am & 05:00 Pm
Madwarani to Kendai fall Distance
100 Km.
Online Jyoti Kalash Link?
Yes. Click Here – www.madwaranimandir.com
Bilaspur to Madwarani Distance?
84 Km.
Korba to Madwarani Distance?
30 Km.
Champa to Madwarani Distance?
24 Km.