Sirpur Mahasamund Chhattisgarh

सिरपुर (Sirpur) छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक नगरी हैं। जो पुरातात्विक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत प्राचीन स्थल हैं। जिसे आदि काल में सीरपुर के नाम से जाना जाता था। यहां सोमवंशी राजाओं ने महानदी के तट के किनारे दक्षिण कोसल की राजधानी सिरपुर नगरी की स्थापना किया था।

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Sirpur Mahasamund Chhattisgarh | प्राचीन नगरी सिरपुर महासमुंद छत्तीसगढ़

सिरपुर छत्तीसगढ़ (Sirpur Mahasamund Chhattisgarh) ऐतिहासिक जनश्रुति से विदित होता हैं। जिसे दक्षिण कोसल और महाकोसल के राजधानी नाम से जाना जाता था। कहा जाता हैं भद्रावती के सोमवंशी पांडव राजाओं ने भद्रावती को छोड़कर महानदी के तट के किनारे दक्षिण कोसल को आपना राजधानी बनाया था। ये राजा पहले बौद्ध धर्म के अनुनायी थे, किन्तु शैवमत के अनुनायी बन गए।

Tourism Place In Sirpur | सिरपुर के महत्वपूर्ण स्थान

इस शृंखला में आपको सिरपुर में स्थित कुछ महत्वूर्ण स्थानों की सचित्र जानकारी प्रदान कर रहे हैं, जिससे आपको समझने में सहजता हो। Tourism Place :-

Meseum in Sirpur

खुदाई से मिले सभी प्राचीन मूर्तियों को संग्रहालय बना कर, पर्यटकों के लिए म्यूजियम बनाया गया हैं।

गुप्तकालीन मंदिर सिरपुर

सिरपुर के कुछ स्थानों में ईटों के बने गुप्तकालीन मंदिरों के अवशेष प्राप्त हुए हैं, जिसमें सोमवंशी राजाओं के अभिलेख मिले हैं। जिसको पुरातत्वविदों द्वारा 6वीं सदी का अनुमान लगाया गया हैं।

लक्ष्मण मंदिर | Tample of Lakshaman mandir

अद्भुत शिल्पकलाओं कलाओं से निपूर्ण Tample of Lakshaman Mandir (लक्षमण मंदिर) जिसे देखने के लिए प्रतिवर्ष देश-विदेश से हजारों की संख्या में लोग यहाँ आते हैं। अक्सर यहाँ विदेशी पर्यटक देखने मिल जाता हैं।

उत्तर गुप्तकालीन कला की विशेषता को जानने के लिए आपको एक लक्ष्मण मंदिर जाना होगा। जिसका नक्काशी अपने आप में ही अद्भुत है। इसके ऊपर में शेषशायी विष्णु की सुन्दर प्रतिमा अवस्थित है। विष्णु की नाभि से उद्भूत कमल पर ब्रह्मा आसीन हैं और विष्णु के चरणों में लक्ष्मी स्थित हैं। पास ही वाद्य ग्रहण किए हुए गंधर्व प्रदर्शित हैं।

Lakshaman mandir image | लक्ष्मण मंदिर सिरपुर फोटो
lord vishnu image

मन्दिर के गर्भ गृह में लक्ष्मण की मूर्ति है। यह 26″×16″ की खंड में स्थित है। इसकी कटि में मेखला, गले में यज्ञोपवीत, कानों में कुण्डल और मस्तक पर जटाजूट शोभित है। शेषनाग का प्रतीक बना हुआ है, जिसका पांच फनों से सुसज्जित हैं। मन्दिर मुख्यतः लाल रंगो के ईटों से निर्मित हुआ हैं।

लक्षमण मंदिर के पास ही श्रीराम मंदिर हैं। जिसका अब कुछ ही अवशेष शेष हैं।

गंधेश्वर महादेव मंदिर | Gandheshwar Mahadev Mandir

गंधेश्वर महादेव मंदिर | Gandheshwar Mahadev Mandir

महानदी की किनारे स्थित गंधेश्वर महादेव का मंदिर स्थित हैं। इस मंदिर का जीर्णोद्वार कराया गया हैं। इस मंदिर के दो स्तम्भों में आज भी अभिलेख उत्कीर्ण हैं। Gandheshwar Mahadev Mandir के पुरे शबाब को देखना चाहते है तो आपको महाशिवरात्रि और सावन के समय आना होगा। इस मंदिर में इतनी अधिक मात्रा में श्रद्धालुगण आते हैं की आपको पांव रखने की जगह नहीं मिलेगी।

अन्य जगह एवं जानकारी

वैसे तो यहाँ बहुत से मंदिर, खनन द्वारा प्राप्त अवशेष, पुरातात्विक म्यूजियम हैं, जिसे सही तरीका से घूमने के लिए एक दिन का समय कम पड़ जायेगा।

कहा जाता हैं खुदाई से मिले सबसे खूबसूरत मूर्तियों में तारा की मूर्ति सबसे सुन्दर हैं। सिरपुर में तीवरदेव के राजिम-ताम्रपट्ट लेख में उल्लेख हैं।

इस जगह का उल्लेख आमिर खुसरों ने अपने किताब में भी किया हैं। उस समय इस जगह को सीरपुर के नाम से जाता था।

छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी नदी महानदी का वही स्थान हैं, जो हमारे भारत देश में गंगा नदी को मिलती हैं।

mahanadi river image | महानदी
mahanadi river

How to Reach Sirpur | कैसे पहुंचे सिरपुर

सिरपुर पहुंचने के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग द्वारा हर संभव सड़क मार्ग को सरल किया गया हैं। जो धार्मिक और पुरात्विक नगरी के लिए बहुत जरुरी था। आइये देखते हैं, सड़क, हवाई यात्रा, और ट्रेन के रास्ते से कैसे पहुंच सकते हैं –

  • सड़क मार्ग – छत्तीसगढ़ की राजधानी से राष्ट्रीय राजमार्ग NH53 सड़क मार्ग द्वारा आप 77 किलोमीटर की दुरी तय करके, सुगमतापूर्वक पंहुचा जा सकता हैं।
  • हवाई अड्डा – नजदीकी एयरपोर्ट राजधानी रायपुर में ही स्थित हैं।
  • रेलवे मार्ग – सभी प्रकार की ट्रेने राजधानी रायपुर जक्शन में पहुँचती हैं। वहां से आपको जिला महासमुंद के लिए ट्रेन लेना होगा। जिला महासमुंद से आपको सड़क मार्ग द्वारा बस या टेक्सिसेस मिल जाएगी। महासमुंद से सिरपुर की दुरी मात्र 37 किलोमीटर हैं।

Note :- यहाँ रुकने के लिए रिसोर्ट भी उपलब्ध हैं। जिसे छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग द्वारा संचालित किया जाता हैं। ऑनलाइन रिसोर्ट बुकिंग के लिए दिए गए लिंक को चेक करे – https://www.chhattisgarhtourism.in/book_online.html

Best time To visit Sirpur

दोस्तों वैसे तो आप यहाँ कोई भी मौसम में घूमने आ सकते हैं। यहाँ सभी समय उपयुक्त होता हैं। किन्तु आपको यहाँ की संस्कृति को समझने के लिए महाशिवरात्रि या सावन मास में एक बार जरूर घूमने आना चाहिए। इस समय लोगो की श्रद्धा चरमसीमा पे होती हैं।

सिरपुर के आसपास के पर्यटन स्थल | Nearby Tourist Places

  • धसकुड़ जलप्रपात – मात्र 15 किमी की दुरी में स्थित धसकड झरना अत्यंत मनमोहक हैं। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करे – https://cgtourism.in/dhaskudh-waterfall-mahasamund-chhattisgarh/
  • कोडर जलाश्य इस जलाशय में आपको मनोरंजन के लिए बोटिंग एवं रात्रि में एडवेंजर के लिए Camping की सुविधा प्रदाय की जाती हैं। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करे – https://cgtourism.in/kodar-dam-mahasamund-chhattisgarh/
  • तुरतुरिया – तुरतुरिया मंदिर यहाँ से मात्र 1 घंटे की दुरी में स्थित हैं, जो लगभग 37 किमी के आसपास पड़ता हैं।
  • खल्लारी लगभग 50 किमी की दुरी में स्थित माता पहाड़ी वाली को देखने के लिए लोग दूर-दूर से यहाँ आते हैं।

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